Cheque क्या है? और चेक कितने प्रकार का होता है ?

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बैंक चेक क्या है ? ये किस काम आता है और हम cheque को कैसे इस्तेमाल कर सकते है. चेक की वैलिडिटी कितने दिन की होती है? और कितने दिनों में चेक क्लियर हो जाता है. इन सभी प्रश्नों के उत्तर आप को मिलेगे.

बैंक cheque क्या है ? इसकी वेलिडिटी और कितने दिनों में क्लियर होता है ?

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Cheque

आप का बैंक अकाउंट है तो आप को डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, पासबुक, चेकबुक दिया जाता है. आप को डिमांड ड्राफ्ट की जरूरत भी पड़ती होगी जो चेक जैसे ही होता है. आप चेकबुक के चेक को कैसे इस्तेमाल कर सकते है? cheque की वैधता कितने दिनों की होते है? इस से बैंक में जा कर कैसे पैसे निकाल सकते है ? बैंक चेक कितने दिनों में क्लियर होता है? ये सब प्रश्न आप के दिमाग में जरुर आते होगा.

चलो आज हम इन सभी बातोँ को विस्तार से समझते है.

चेक क्या होता है ?

यह बैंक द्वारा दिया गया एक पेमेंट और पैसे ट्रान्सफर करने का साधन है. इसके द्वारा आप किसी दुसरे व्यक्ति या कंपनी को पेमेंट दे सकते है और बैंक से अपने पैसे भी निकाल सकते है. इस से आप दुसरे बैंक में भी पैसे ट्रान्सफर कर सकते है.

  • जिसने चेक दिया है उसके साइन होना जरुरी है.
  • जिसको चेक दे रहे है उसका नाम साफ़ साफ़ अक्षरों में लिखा हो.
  • इस पर तारीख जरुर लिखी होनी चहिये.
  • चेक कितने रुपया का है वो अंको और शब्दों दोनों में लिखा होना चहिये.

Cheque के बारे में “Section 6 of Nagotiable Instrument Act, 1881” में लिखा हुआ है

A “cheque” is a bill of exchange drawn on a specified banker and not expressed to
be payable otherwise than on demand and it includes the electronic image of a truncated cheque and a
cheque in the electronic form

लोकेशन के आधार पर वर्गीकरण (Classification of cheque)

  1. स्थानीय चेक (Local Cheque) : यदि किसी एक शहर का चेक उसी शहर में क्लियर हो जाये. इसमें कोई अलग से धनराशि नही देनी पड़ती. अगर दुसरे शहर में क्लियर होगा तो अलग से चार्ज देना पड़ेगा.
  2. उटस्टेशन चेक (Out Station Cheque): किसी एक शहर का चेक किसी दुसरे शहर में क्लियर या withdraw करवाया जाये. इसके लिए बैंक अलग से चार्ज करता है.
  3. एट पर चेक (At Par cheque) : इसे किसी भी बैंक मे क्लियर करवाया जा सकता है . तथा ये अनिवार्य हो की संबंधित ब्रांच हो. बैंक में कोई अतिरिक्त चार्ज नही लगेगा.

मूल्यों के आधार पर वर्गीकरण (on the basic of Value)

  1. साधारण मूल्यों वाले चेक (Normal Value): जो एक लाख रूपये से कम के होते है.
  2. उच्च मूल्यों वाले चेक (High Value: जो एक लाख रूपये से ज्यादा के होते है.
  3. उपहार चेक : जिसको किसी को उपहार (Gift) में दिया जाता है. ये 100 रुपया से 10,000 रूपये तक के

चेक के प्रकार (Types of cheque)

1.खुला चेक (Open Cheque) : इससे आप बैंक काउंटर पर नगद(cash) ले सकते है. इसमें आप को लम्बी लाइन माँ लगने की जरूरत नही पड़ती.

2. बेयरर चेक (Bearer Cheque) : इसमें खाताधारी (Account Holder) किसी को भी भेज कर पैसे निकलवा सकता है. इस चेक से कोई भी पैसे निकाल सकता है बस खाताधारी के हस्ताक्षर होने चाहिये. इसमें रिस्क ज्यादा होता हैम गुम होने पर कोई भी पैसे निकाल सकता है.

3. खाता पेयी चेक (Crossed Cheque) : जब बेयरर चेक के टॉप लेफ्ट कोने पर दो समान्तर लाइन लगा कर उनके बीच में “A/c Payee Only” लिखा होता है. इसको आप काउंटर पर कैश नही करवा सकते हो. ये सिर्फ जिसके नाम से चेक बना होता है , उसके खाते में ही पैसे ट्रान्सफर होते है. ये काफी सुरक्षित होता है.

Crossed-Cheque
Crossed Cheque

4. Self Cheque : जिसका अकाउंट होता है वो अपने चेक पर “self cheque” लिख कर अकाउंट से कैश करवा सकता है. अपने खाते वाली ब्रांच मे कोई लिमिट नही होती. परन्तु अपने बैंक की दूसरी ब्रांच में चेक से पैसे निकलवाने की लिमिट होती है.

5. आगे की तारीख वाला चेक (Post-dated Cheque) : यह एक प्रकार का बेयरर चेक या खाता पेयी चेक ही होता है परन्तु इस पर आगे के तारीख लिखी गोटी है. इसको उस तारीख और उसके बाद कैश किया जा सकता है.

6. A Banke Cheque : यह बैंक द्वारा जारी किया जाता है. इसमें आप बैंक को पैसे देते है और बैंक आप को चेक बना के देता है जैसे की डिमांड ड्राफ्ट में होता है. यह कभी भी बाउंस नही होता. क्योकि इसमें आप पहले पैसे देते है बैंक को.

तो दोस्तों कैसे लगा आप को आर्टिकल comment करके जरूर बताइएगा,
और आगे शेयर जरूर करे ताकि सभी लोगों को cheque के बारे में ज्ञान हो सके।

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