International Women’s Day – अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को ही क्यों मानते है ?

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महिला दिवस को कब, कैसे मनाया जाता है और कैसे इसकी शुरुआत हुई. क्या आज भी महिलो को सामान अधिकार मिले है, क्या है आज के हालत आइए जानते है . “चलो हम सब मिलकर international women’s day मानते है। कुछ अच्छा करते है कुछ नया बदलाव लाते है”।

अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को ही क्यों मानते है ? कब से शुरु हुआ ?

मैं अपने कोर्ट स्टाफ के साथ international women’s day सेलिब्रेट करने जा रही हूँ और ये मैं हर साल करती हूं।

पर क्या ये हक हमारे देश की हर महिला को मिला हुआ है।

क्या इंडिया में आज भी महिला की सही हालात है।

International Women's Day
International Women’s Day

मेरे ख्याल से नही। क्योंकि आजकल कोर्ट में रोज ही कोई ना कोई केस ऐसा आ ही जाता है जिसमे महिलाये कही भी सेफ नही है। ओर ऐसा सिर्फ इंडिया में ही नही है इंडिया से बाहर भी ऐसी कई देश है जहाँ महिलाओं की स्थिति अच्छी नही है। अभी भी स्त्री पुरुष बराबरी के लिए एक लम्बी लड़ाई लड़ना बाकी है। जहा तक मेरा मानना है आज भी हमारे देश में गांव की महिलाओं को International Women day का मतलब भी नही पता होगा और हम इसको सेलेब्रेट क्यों करते है ये हमारी 90% महिलाओ को नही पता होगा।

काफी देशो में तो आज भी महिलाये सिर्फ घरेलु कामो तक सिमित रह गयी है जहा महिलाओं को सिर्फ एक नौकरानी के रूप में ही देखा जाता है. International women’s day  सभी महिलाओ को सामान अधिकार देने के लिए और उनको पुरुष के सामान अधिकार देने के लिए मनाया जाता है .

काफी देशों में, इस दिन को राष्ट्रीय अवकाश के रूप में मनाया जाता है. न्याय, शांति, समानता और विकास के अपने संघर्ष को याद करने के लिए देश भर की महिलाएं विभिन्न सांस्कृतिक और जातीय समूहों से सभी सीमाओं को पार करती हैं. 

क्या आप जानते है कि International women’s day क्यों मनाया जाता है?

1908 में नयू यॉर्क सिटी में लगभग 15000 महिलाओं ने अपने वोटिंग अधिकारों के लिए ओर अपना वेतन बढ़ाने के लिए मार्च निकाला था। 1909 में सोशलिस्ट पार्टी के कहने के अनुसार यूनाइटेड स्टेट में पहला राष्ट्रीय महिला दिवस 28 फरवरी को मनाया गया।  इसके बाद ये फ़रवरी में आखिरी Sunday को मनाया जाने लगा।

आखिर 8 मार्च को हे क्यों मानते है महिला दिवस ?

अब आप ये सोच रहे होंगे कि जब पहला राष्ट्रीय महिला दिवस 28 फरवरी को मनाया गया तो 8 मार्च को International Women’s day कैसे मनाने लगे?

1917 में रूस की महिलाओं में रोटी और कपडे के लिए हड़ताल पर जाने का फैसला किया। यह हड़ताल भी रूस की महिलाओं के लिए फायदे में रही। जार ने सत्ता छोड़ी ओर अन्तरिम सरकार ने महिलाओं को वोट देने की मंजूरी दे दी।

उस समय रूस में जूलियन कैलेंडर चलता था ओर सभी देशों में ग्रेगेरियन कैलेंडर चलता था। जिसके अनुसार उस दिन यानी फरवरी के आखिरी संडे को ग्रेगेरियन कैलेंडर के अनुसार 8 मार्च मानी जाती थी क्योकि जूलियन और ग्रेगेरियन कैलेंडर के कुछ तारीखों में अंतर था। उसके बाद सभी देशों में ग्रेगेरियन कैलेंडर चलने लगा। इसलिए 8 मार्च को ही सभी देशो में International Woman day मनाया जाने लगा.

सबसे पहले 1911 में स्विट्ज़रलैंड, डेनमार्क , ऑस्ट्रिया और जर्मनी में अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया था .

1975 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा International women’s day को मान्यता

संयुक्त राष्ट्र ने सन 1975 में इंटरनेशनल वुमन डे को मान्यता दी. इसके बाद से ये हर साल एक थीम के साथ मनाया जाने लगा. सबसे पहले International Women’s Day की थीम “सलेब्रातिंग दी पास्ट, प्लानिंग फॉर दा फ्यूचर” थे जिसका मतलब है बीते हुए कल का जश्न मनाये और आना वाले कल के लिए तैयारी करे.

इस साल 2021 अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम है “चूज टू चैलेंज

क्या आप जानते है हमारे India में नेशनल वीमेन डे कब मनाया जाता है?

भारत में 13 फरवरी को नेशनल वीमेन डे मनाया जाता है, पर नेशनल वुमन डे बहुत कम लोग ही सेलिब्रेट करते है क्युकी पहले तो लोगो को पता ही नहीं है की हमारे देश में नेशनल वीमेन डे भी आता है और बहुत ही कम लोगो को पता है की इसको मनाते क्यों है,.दरअसल, इसी दिन प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी व कवयित्री सरोजिनी नायडू का जन्म हुआ था। उन्हें अपनी कविताओं के कारण ‘भारत कोकिला‘ के रूप में भी जाना जाता है। सरोजिनी नायडू ने देश की स्वतंत्रता के लिए भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी।

सरोजिनी नायडू ने वर्ष 1914 में पहली बार महात्मा गांधी से मुलाकात की और देश के लिए खुद को समर्पित करने का फैसला किया। वे शिक्षा प्राप्त करने के दौरान ही राष्ट्रीय आंदोलन में शामिल हो गईं थी ।उन्हें साल 1925 में कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया। उन्हें 1928 में ब्रिटिश सरकार द्वारा भारत में प्लेग महामारी के दौरान अपने कार्यों के लिए कैसर-ए-हिंद से सम्मानित किया गया था। सरोजिनी नायडू की 135वीं जयंती के अवसर पर, यानी 13 फरवरी 2014 को देश में राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की शुरुआत की गई।

Happy Women’s Day

लेखिका एक वकील है

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